रामपुरा पुलिस पर लगे जनपद सदस्य को एनडीपीएस एक्ट के झूठे प्रकरण को लेकर अवैध वसूली व अपहरण कर 7 घंटे तक थाने में बिठाने के आरोप, पीड़ित ने एसपी से मुलाकात कर सौंपा ज्ञापन, की कार्यवाही की मांग, पढ़े पूरी खबर
byHARISH MEENA—
नीमच। मनासा जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य जनप्रतिनिधि गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने वार्ड क्रमांक 5 के निर्वाचित मनासा जनपद पंचायत के सदस्य प्रतिनिधि पर रामपुरा पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट के झूठे प्रकरण में फंसाने अवैध वसूली करने करीब 7 घंटे तक अपहरण कर अभिरक्षा में रखने के आरोप लगाए हैं मनासा जनपद पंचायत के वार्ड क्रमांक 5 से निर्वाचित जनपद सदस्य राहुल बंजारा ने बताया कि उन्हें 7 घंटे तक थाने में बिठाकर मानसिक रूप से परेशान किया गया है इसी को लेकर पुलिस अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन एसपी को सौंपा है जिसमें उन्होंने बताया है कि पुलिस द्वरा राहुल पिता रूपा जी बंजारा उम्र 25 वर्ष निवासी खेड़ी गरासिया थाना मनासा का निवासी और मनासा जनपद पंचायत के वार्ड क्रमांक 5 से निर्वाचित जनपद सदस्य जनप्रतिनिधि हु। पंचायत मनासा के बाहर जनपद समितियों के निर्वाचन के लिए खड़ा था। इस दौरान सादी वर्दी में 3 से 4 पुलिस कर्मी आए और साथ चलने को कहा,फिर मुझे जबरदस्ती बाइक पर बिठाया,उसके बाद रामपुरा रोड पर अक्षत नगर के बाद पीछे आ रही एक नई वेन्यू कार में बिठा कर ले गए। जब मेरे द्वारा विरोध किया गया और उनसे बार-बार पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कुकड़ेश्वर थाने ले जा रहे हैं। परंतु मुझे कुकड़ेश्वर थाना न लेजाते हुवे, रामपुरा थाना ले गए जहां मोबाइल भी छीन लिया और रामपुरा थाना प्रभारी के केबिन में 2 घंटे बिना बातचीत किए बिठाए रखा। 2 घंटे बाद थाना प्रभारी ने कहा कि डोडा चुरा के जो अपराधी है वह डोडा चूरा तुमसे लेना बता रहे हैं तुम अपराधी हो यदि तुम्हारा नाम अपराध में पंजीबद्ध नहीं करवाना चाहते हैं तो 5 लाख रु दे दो।जिसपर मैंने बताया कि मैं थाने में बंद अपराधी को नहीं जानता हूं ना ही किसी को डोडा चूरा दिया है। में मनासा जनपद सदस्य जनप्रतिनिधी हूं। मेरा मामले से कोई लेना देना नहीं है। मैं एक रुपैया भी नहीं दूंगा तब थाना प्रभारी द्वारा डराया धमकाया गया और कहा गया कि ऐसे केस में फंसा देंगे कि तू जिंदगी भर जेल में रहेगा। उसके बाद मुझे कंप्यूटर कक्ष में बंद कर दिया गया और करीब 7 से 8 बजे के करीब छोड़ा गया। मेरे परिवारों से जब थाना परिसर में मिला तो उन्होंने बताया कि हमारे साथ भी पुलिस वालों ने अभ्रदा और गाली गलौज कि है। ओर 5 लाख देने पर तुम्हें छोड़ने की बात कही।ज्ञापन में मांग की गई कि अपहरण कर झूठे केस में धमकी देकर अवैध डोडा चुरा केस में फंसाने वाले पुलिसकर्मियों व थाना प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए।